समय किसी का इंतजार नही करता
वह अपनी चाल में सदा क्रियान्वित रहता है ।
समय हमलोगों को अद्भुत शिक्षा दे रही है कही न रुको न फसो चाहे जितना अनुकूलता मिले अथवा प्रतिकूलता।
भगवान श्री कृष्ण गीता में कहते है –
*सम: सुखेषु दुःखेषु तथा मानापमान्यो:*
जो हर परिस्थितियों में सम रहना सीख गया वो मुझे प्रिय है ।
इसलिए बिना रुके आगे बढ़ते चलो अपने लक्ष्य को प्राप्त करो ।
जो जीव विषय भोग को ही सुख मान बैठा है उसकी मति भगवान के माया द्वारा ठगी का चुकी है ।
हमारे पास हर चीज की सुविधा है तो हम सुखी, नहीं है तो दुखी ये कैसी मानसिकता है । सुख दुख का आकलन सुविधायों से नहीं किया जाना चाहिए बल्कि जो है जितना है प्रयाप्त है यदि ये स्थिति अंत:कर्ण की है तो आपसे ज्यादा सुखी इस दुनिया में सायद कोई है ।
व्यक्ति को और और पाने कि इच्छा ही उसे जीर्ण करते जाती है । लोभ हो तो भजन का, अच्छी शिक्षा पाने की, सेवा की, सत्कर्म की तो हमारी अंतरात्मा हृष्ट पुष्ट होगी ।
संतोषम परम सुखम संतोष में ही सबसे बड़ा सुख है ।
आभार व्यक्त करते चलो साहब उस परमात्मा का जितना दिया उतनी मेरी औकात कहा थी ।
मनुष्य गृहस्थ में हो या विरक्त में उसका जीवन धर्म के अनुसार धर्म के लिए जीना हो धर्म के लिए काम करना हो । प्रत्येक क्रिया को भगवान को समर्पित करता चले ।
किसी में आसक्त न रहे शरीर,स्त्री,पुत्र,धन आदि क्योंकि ये एक दिन छूटने वाला ही है ।
भीतर से विरक्त रहे और बाहर से रागी के समान लोगो में साधारण मनुष्यो जैसा ही व्यवहार करे ।
भीतर से ममता न रखकर सबका अनुमोदन करे । अपना रुख संसार से मोड़ कर अपना मन मनमोहन में लीन कर दे ।
ये प्रभु को प्राप्त करने की एक सुंदर जीवन शैली है ।
Event Location:
Event Date:

16 March 2026
स्वतंत्रता का अर्थ स्वयं को अच्छे विचारों तथा अच्छे नियमों में दिनचर्या को बांधे रखना ।
14 March 2026
यह पथ दुर्गम है किंतु सर्वाधिक आनंद यही है ।
14 August 2020
On the occasion of the foundation stone being laid for the Ram Mandir at Ayodhya, Pujya Bhaishri performed a divine tilak ceremony on Lord Ram...
08 August 2020
On the occasion of the foundation stone being laid for the Ram Mandir at Ayodhya, Pujya Bhaishri performed a divine tilak ceremony on Lord Ram...
14 March 2020
On the occasion of the foundation stone being laid for the Ram Mandir at Ayodhya, Pujya Bhaishri performed a divine tilak ceremony on Lord Ram...